आयरन की कमी आपको थकान और कमज़ोरी महसूस करा सकती है।

आयरन की कमी/ About Iron Deficiency In Hindi/ About Anemia  In Hindi

आप अक्सर बेवज़ह की थकान महसूस करते हैं? हालांकि कभी-कभी थकान महसूस करना सामान्य है, लेकिन लगातार थकावट का सामना करना एक गंभीर समस्या की और संकेत करता है। आयरन की कमी से पीड़ित होना, दुनिया की आम समस्या में से एक है। जो परुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज़्यादा देखने को मिलती है।

आयरन, हीमोग्लोबिन के सबसे महत्वपूर्ण components में से एक है, लाल रक्त कोशिकाओं में प्रोटीन जो फेफड़ों से ऑक्सीजन पुरे शरीर की लाल रक्त कोशिका में पहुंचाता है। शरीर में अपर्याप्त आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के लिए स्वस्थ ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं कर पता जो एनीमिया या लोह की कमी को जन्म दे सकता हैं। हालांकि, उच्च लोह का स्तर भी वांछनीय नहीं हैं। लोहे के दोनों लेवल (उच्च और निम्न) गंभीर चिकित्सा समस्या का संकेत है।

हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर / Normal Range for Hemoglobin

स्वस्थ पुरूष के शरीर में 13-16 मिलिग्राम प्रति डेसिलीटर

महिला में 12-14 मिलिग्राम प्रति डेसिलीटर

आयरन (लोहे) की कमी के कुछ सामान्य लक्षण हैं।/ Symptoms of Iron Deficiency/ Symptoms of Anemia

  • अत्यधिक कमजोरी व थकावट का महसूस होना
  • पिला रंग पड़ना
  • अस्पष्टीकृत कमजोरी
  • जीभ में सूजन आना
  • दिल की धड़कन तेज़ होना
  • बाल झड़ना
  • साँस लेने में दिक्कत होना
  • सिरदर्द होना
  • हाथों व पैरों में दर्द और ठंडा होना

₹ 200 का वाउचर पाएँ और LabsAdvisor के साथ कोई भी मेडिकल टेस्ट करवाएँ। 

कोड प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।


आयरन की कमी के कारण/ एनीमिया के कारण/ Iron Deficiency Causes/Causes of Anemia

आयरन की कमी का सबसे प्रमुख कारण पौष्टिक खाना ना खाने को ही माना जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य बीमारियों की वज़ह से भी शरीर में खून की कमी हो जाती है।नीचे दी गई कुछ ऐसी परिस्थितियां हैं जिनमें एनीमिया हो सकता है :-

किडनी कैंसर: किडनी से एक प्रकार के हारमोन का उत्पादन होता है जिसे इरायथ्रोपोयॅटीन (Erythropoietin) कहते हैं। यह हार्मोन अस्थिमज्जा (Bone Marrow) को लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। जिन लोगों को किडनी का कैंसर होता है, उनमें इरायथ्रोपोयॅटीन (Erythropoieti) हारमोन का निर्माण नहीं होता और इसकी वजह से रेड-ब्लड सेल्स का निर्माण कम हो जाता है जिससे व्यक्ति में एनीमिया की बीमारी हो सकती है।

अल्पाहार या कुपोषण: लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए कई प्रकार के विटामिन व मिनरल्स की जरूरत होती है, पौष्टिक खाना ना खाने से  रेड- ब्लड सेल्स का निर्माण कम हो जाता है और हीमोग्लोबिन भी कम बनता है और व्यक्ति एनीमिया का शिकार बन जाता है। गर्भवती महिलाओं में कुपोषण के कारण एनीमिया की परेशानी हो सकती है।

विटामीन बी-12 की कमी: शरीर में विटामीन बी-12 की कमी से भी एनीमिया होने की संभावना होती है। शुद्ध शाकाहारी और लंबे व़क्त से शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति को ज़्यादातर परनीसीयस एनीमिया होता है।

रक्तस्राव की वज़ह से होने वाला एनीमिया: माहवारी(मासिक धर्म) के दिनों में अत्यधिक रक्तस्राव का होना, किसी घाव या चोट से खून का बहना, अल्सर और कैंसर इत्यादि में धीरे-धीरे ख़ून का लगातार निकलने से भी एनीमिया हो सकता है।

एनीमिया की कमी के कुछ अन्य कारण भी हैं:

  • दवाओं का दुष्प्रभाव
  • थायरॉयड की समस्या
  • लीवर की बीमारियां
  • लंबे समय से बीमार रहने पर
  • एड्स
  • टीबी (Tuberculosis)
  • किडनी व गुर्दे फेल हो जाने के कारण

Iron Test.png

एनीमिया से बचाव के घरेलु उपाय / Treatment of Anemia / Treatment of Iron Deficiency/Foods for Iron Deficiency/Diet for Iron Deficiency

  • एनीमिया से बचाव का सबसे अच्छा उपाय – पौष्टिक आहार लेना है। इसके साथ ही निम्न चीजों पर ध्यान देकर भी इस बीमारी से बचा जा सकता है:
  • पौष्टिक आहार लेने से भी एनीमिया ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ एनीमिया में अलग-अलग प्रकार के उपचार कराने पड़ते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है डॉक्टरी से परामर्श लेना।
  • युवाओं में एनीमिया की कमी का उपचार बहुत आसानी से हो जाता है, जबकि वयस्क व्यक्ति में एनीमिया की बीमारी जल्दी से दूर नहीं हो पाती।
  • हरी सब्जियां, फल व सलाद की मात्रा खाने में बढ़ाने से खून की कमी को दूर किया जा सकता है।
  • चुकंदर आयरन का सबसे अच्छा स्त्रोत है। इसको रोज सलाद या सब्जी के तौर पर खाने में खून की कमी नहीं होती।
  • हरी पत्तेदार सब्जी जैसे पालक, मेथी, गोभी, पत्तागोभी, शलजम और शकरकंद जैसी सब्जियां सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं। इनके सेवन से खून भी बढ़ता और वजन भी सामान्य रहता है और पेट भी सही रहता है।
  • सूखे मेवे जैसे बादाम, खजूर और किशमिश का ज़्यादा प्रयोग करने से आयरन पर्याप्त मात्रा में रहता है।
  • फल जैसे खजूर, सेब, तरबूज, किशमिश, अंगूर और अनार खाने से भी खून बढ़ता है।

इन सबके अलावा आयरन सुक्रोच के इंजेक्शन या आयरन की गोलियां, विटामिन बी-12 की गोली या इंजेक्शन डॉक्टरी सलाह से लें सकते हैं।

आयरन की कमी को मापने के लिए टेस्ट/ Test for Iron Deficiency

यदि आपको उपरोक्त लक्षण रहते हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श लें और ferritin टेस्ट के लिए निवेदन करें। ferritin टेस्ट में खून की थोड़ी मात्रा की आवश्यकता होती है जो आपके शरीर में आयरन के स्टोर को जाँचता है।

दिल्ली में ferritin टेस्ट की कीमत जानने और बुक करने के लिए, यहाँ क्लिक करें

 गुड़गांव में ferritin टेस्ट की कीमत जानने और बुक करने के लिए, यहाँ क्लिक करें

नोएडा में ferritin टेस्ट की कीमत जानने और बुक करने के लिए, यहाँ क्लिक करें

मुंबई में ferritin टेस्ट की कीमत जानने और बुक करने के लिए, यहाँ क्लिक करें

बेंगलुरु में ferritin टेस्ट की कीमत जानने और बुक करने के लिए, यहाँ क्लिक करें

चेन्नई में में ferritin टेस्ट की कीमत जानने और बुक करने के लिए, यहाँ क्लिक करें

हैदराबाद में ferritin टेस्ट की कीमत जानने और बुक करने के लिए, यहाँ क्लिक करें

अपने ferritin टेस्ट कैसे बुक करें ?

LabsAdvisor, मेडिकल टेस्ट का प्लेटफार्म है, जो भारत भर में ferritin टेस्ट के Home Collection की व्यवस्था प्रदान करता हैं। अपने ferritin टेस्ट बुक करने के लिए 08882668822 पर कॉल करें। अगर आप Call Back चाहते हैं, तो नीचे दिए गए फार्म को भरें।


₹ 200 का वाउचर पाएँ और LabsAdvisor के साथ कोई भी मेडिकल टेस्ट करवाएँ। 

कोड प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।



One thought on “आयरन की कमी आपको थकान और कमज़ोरी महसूस करा सकती है।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s